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बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी परखने डीईओ ने किया औचक निरीक्षण

बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को परखने औचक निरीक्षण पर निकले डीईओ

विद्यालयों में पहुँचे बिना सूचना, छात्रों से सीधा संवाद कर जानी पढ़ाई की स्थिति

जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों का वास्तविक आकलन करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) श्री जी.आर. मंडावी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने पोटाकेबिन हाईस्कूल तोंगपाल सहित पाकेला एवं रोकेल क्षेत्र के विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एपीसी श्री आशीष राम भी उपस्थित रहे।

छात्रों से लिया फीडबैक, परीक्षा रणनीतियों पर की चर्चा

निरीक्षण के दौरान डीईओ श्री मंडावी ने कक्षा 5वीं, 8वीं एवं 10वीं के छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम की प्रगति, विषयवार समझ और कठिनाइयों की जानकारी ली।
डीईओ ने छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं को लेकर तनावमुक्त रहने, नियमित अध्ययन, समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करने तथा पुनरावृत्ति (रिवीजन) पर विशेष ध्यान देने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

शिक्षण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

विद्यालय के शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शेष बचे समय में पाठ्यक्रम पूर्ण कर रिवीजन पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस दौरान एपीसी श्री आशीष राम ने भी शिक्षकों को प्रशासनिक एवं व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने तथा शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

प्री-बोर्ड परीक्षाओं का सूक्ष्म अवलोकन

डीईओ एवं अधिकारियों के दल ने तोंगपाल के पश्चात पाकेला एवं रोकेल पोटाकेबिन हाईस्कूल का भी निरीक्षण किया। यहां संचालित प्री-बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था और मूल्यांकन प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्री-बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों का विश्लेषण कर कमजोर विद्यार्थियों की पहचान की जाए और मुख्य बोर्ड परीक्षा से पूर्व उनके लिए विशेष मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था की जाए।

शैक्षणिक अमले में बढ़ी सक्रियता

अधिकारियों के इस औचक निरीक्षण से ब्लॉक के शैक्षणिक अमले में हलचल तेज हो गई है। शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष जिले के बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाना एवं शत-प्रतिशत उत्तीर्णता लक्ष्य प्राप्त करना है।

जिला शिक्षा अधिकारी की इस सक्रिय पहल को शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।