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दिल्ली में सियासी गर्मी! वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन, महिला नेता से बदसलूकी का आरोप

दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन,

युवा कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर हमला**

नई दिल्ली।
दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में वोट चोरी के विरोध में आयोजित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस दौरान युवा कांग्रेस की प्रदेश सह सचिव ऐनी पीटर के साथ कथित रूप से की गई पुलिस बर्बरता की घटना ने व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है।

युवा कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने इस घटना को शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।


शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवा कांग्रेस कार्यकर्ता वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया।
आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान प्रदेश सह सचिव ऐनी पीटर के साथ अभद्र व्यवहार और बल प्रयोग किया गया, जिसे युवा कांग्रेस ने महिला सम्मान और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया।


मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर सीधे सवाल

युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि
मोदी सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली लोकतंत्र को लगातार कमजोर कर रही है।
उनका कहना है कि जनता की आवाज़ को दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है और लोकतांत्रिक विरोध को अपराध की तरह देखा जा रहा है।

नेताओं ने कहा कि—

  • चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाने वालों को डराया जा रहा है

  • विरोध की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने की कोशिश हो रही है

  • यह स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है


लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं — युवा कांग्रेस

युवा कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
लोकतंत्र पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्ण आंदोलनों को इसी तरह कुचला गया, तो देशभर में आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।

युवा कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि—

  • पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए

  • दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई हो

  • चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता और पारदर्शिता को स्पष्ट करे


राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

इस घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी चिंता व्यक्त की है।
महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित पुलिस बर्बरता को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने भी सवाल उठाए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करती हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं।


आंदोलन जारी रखने का ऐलान

युवा कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज़ बुलंद करेगी।