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380 दिन बाद जमानत मिलने पर सुकमा पहुंचे कवासी लखमा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत

स्थान – सुकमा (छ.ग.)
संवाददाता – उइका नरेश


सुकमा, —
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कवासी लखमा को करीब 380 दिनों के बाद सुप्रीम कोर्ट से अंतिम जमानत मिलने पर आज उनका सुकमा आगमन हुआ। लंबे समय बाद अपने गृह जिले पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुकमा पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

करीब एक वर्ष से अधिक समय तक न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर कवासी लखमा पहली बार सुकमा पहुंचे। उनके आगमन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय लोग स्वागत स्थल पर एकत्रित हो गए। स्वागत कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में कांग्रेस समर्थकों के बीच उत्साह और भावुक माहौल देखने को मिला।

कवासी लखमा ने इस अवसर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह सम्मान करते हैं और न्यायपालिका पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार उन्हें फिलहाल छत्तीसगढ़ राज्य छोड़ने संबंधी आदेश का पालन करना होगा, जिसे वे पूरी निष्ठा के साथ मानेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि वे कानून और संविधान में पूर्ण विश्वास रखते हैं और आगे की पूरी कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करेंगे। कवासी लखमा ने अपने समर्थकों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संघर्ष के इस दौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों का समर्थन उन्हें लगातार मिलता रहा, जिसके लिए वे सभी के आभारी हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कवासी लखमा की जमानत को न्याय की जीत बताया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्हें शुरू से ही न्याय व्यवस्था पर भरोसा था और अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह विश्वास और मजबूत हुआ है। स्वागत कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है।

स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कवासी लखमा की जमानत और सुकमा आगमन से जिले की राजनीतिक गतिविधियों में नई हलचल देखने को मिल सकती है। हालांकि, न्यायालय के निर्देशों के कारण वे फिलहाल राज्य से बाहर रहेंगे, लेकिन उनके समर्थकों में इसे लेकर भावनात्मक जुड़ाव साफ दिखाई दिया।

कुल मिलाकर, करीब 380 दिनों के बाद कवासी लखमा का सुकमा आगमन कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए एक भावनात्मक और महत्वपूर्ण क्षण रहा, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।