कक्षा चौथी के इंग्लिश परीक्षा प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक सवाल, NSUI ने जताया कड़ा विरोध
रायपुर: राजधानी रायपुर में कक्षा चौथी की इंग्लिश परीक्षा के प्रश्नपत्र में भगवान श्रीराम के पवित्र नाम को आपत्तिजनक संदर्भ में शामिल किए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्नपत्र में छात्रों से पूछा गया कि “मोना के कुत्ते का नाम क्या है?” और इसके विकल्पों में बाला, शेरू, राम या कोई नहीं जैसे शब्द दिए गए थे।

NSUI रायपुर का कहना है कि भगवान श्रीराम जैसे आराध्य के नाम को इस प्रकार के संदर्भ में प्रयोग करना न केवल अपमानजनक है, बल्कि भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था में गहरी लापरवाही और प्रक्रिया में गंभीर चूक को भी उजागर करता है।
इस मामले को लेकर NSUI रायपुर के प्रतिनिधि आज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारतीय ने मामले की विभागीय त्रुटि स्वीकार की और बताया कि इस संबंध में जांच के लिए समिति गठित की जा रही है, जो आगामी सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


NSUI रायपुर जिला अध्यक्ष शान्तनु झा ने कहा कि यह केवल तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र निर्माण, छपाई और वितरण—पूरी प्रक्रिया में शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है और हर बार “प्रिंटर की गलती” कहकर मामले से पल्ला झाड़ना अब स्वीकार्य नहीं है।

NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के नाम पर मामले को दबाने, दोषियों को बचाने या सरकार की जिम्मेदारी से ध्यान भटकाने का प्रयास किया गया, तो संगठन प्रदेशव्यापी और उग्र आंदोलन करेगा। संगठन ने कहा कि भगवान श्रीराम का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह पूरे सनातन समाज की आस्था से जुड़ा विषय है।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रमुख रूप से NSUI रायपुर जिला अध्यक्ष शान्तनु झा, प्रदेश महासचिव निखिल बघेल, जिला महामंत्री सूरज साहू, जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर, जिला महासचिव संस्कार पांडे, विमल साहू, डिकेंद्र सिन्हा, देवेंद्र पाल, धनंजय पाल, देव, भूपेंद्र सहित बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बाइट:
शान्तनु झा, NSUI जिला अध्यक्ष रायपुर: “भगवान श्रीराम के पवित्र नाम का अपमान शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही है। हम मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हैं।”











