सुकमा।
जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ आमजन के बीच उतरता है, तब योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि धरातल पर बदलाव का रूप लेती हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए कलेक्टर श्री अमित कुमार ने सुकमा नगर के बगीचा पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया और हितग्राहियों से सीधे संवाद स्थापित किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने औपचारिकताओं से हटकर बच्चों और माताओं के साथ ज़मीन पर बैठकर चर्चा की। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और नियमित उपस्थिति की जानकारी ली तथा आंगनबाड़ी में मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को परखा। इस दौरान तीन वर्षीय बालक शिवांश से आत्मीय बातचीत कर कलेक्टर ने बच्चों की देखभाल, पोषण आहार और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। प्रशासन के इस मानवीय और सहज व्यवहार से प्रभावित होकर ग्रामीण महिलाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं साझा कीं

‘वजन त्यौहार’: आंकड़ों से आगे, भविष्य की सुरक्षा
निरीक्षण के दौरान ‘वजन त्यौहार’ और ‘सुपोषण चौपाल’ अभियान के तहत कलेक्टर ने स्वयं एक नवजात शिशु की ऊंचाई मापकर अभियान की गंभीरता को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह अभियान केवल पोर्टल पर आंकड़े दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि जिले के हजारों बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने का संकल्प है। 
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने निर्देश दिए कि जिले में कोई भी बच्चा कुपोषण की श्रेणी में नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक माता को अपने बच्चे के आदर्श वजन और ऊंचाई की जानकारी होनी चाहिए तथा पूरक पोषण आहार की नियमित और गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, तभी जिले का भविष्य मजबूत होगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्राप्त सुझावों और जमीनी स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने सुकमा नगरपालिका क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने शौचालय की समुचित और कार्यशील व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। 
इस दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पंजी का अवलोकन किया, पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की समीक्षा की तथा गर्भवती और शिशुवती महिलाओं के टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी सेवाएं समयबद्ध व प्रभावी रूप से संचालित की जाएं। 
सामूहिक प्रयास से सुपोषित सुकमा का संकल्प
कलेक्टर ने माताओं और पालकों से अपील की कि वे बच्चों के संतुलित आहार में स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और समुदाय के संयुक्त प्रयास से ही कुपोषण मुक्त सुकमा का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। 
निरीक्षण के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि प्रशासन की संवेदनशीलता, समुदाय की भागीदारी और निरंतर निगरानी से ही स्वस्थ, सशक्त और सुपोषित सुकमा का निर्माण संभव है।













