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अंडमान–निकोबार (हैवलॉक) में एस्टीमेट कमेटी की बैठक

राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अहम सुझाव

हैवलॉक (स्वराज द्वीप), अंडमान एवं निकोबार / रायपुर | 27 दिसंबर, 2025

रायपुर सांसद एवं लोकसभा की एस्टीमेट कमेटी के वरिष्ठ सदस्य श्री बृजमोहन अग्रवाल शनिवार को अंडमान–निकोबार के हैवलॉक (स्वराज द्वीप) में आयोजित संसद की एस्टीमेट कमेटी की बैठक में शामिल हुए। यह बैठक “भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास” विषय पर केंद्रित रही, जिसमें देशभर में चल रहे सड़क एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) द्वारा किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर विस्तार से चर्चा हुई।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कुछ राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्गों की खराब स्थिति की ओर समिति का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सड़कों के उन्नयन के लिए वर्तमान बजट आवंटन पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप सड़कें विकसित करनी हैं और यात्रियों को सुरक्षित, निर्बाध यात्रा उपलब्ध करानी है, तो इसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनिवार्य है।

टोल प्लाजा व्यवस्था पर अपनी बात रखते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि टोल नियमों के क्रियान्वयन में स्पष्टता और समानता होनी चाहिए। उन्होंने टोल प्लाजा स्थापित करने के लिए निर्धारित 40 किलोमीटर दूरी के नियम को सख्ती से लागू किए जाने पर जोर दिया।

विशेष रूप से कुम्हारी टोल प्लाजा का उल्लेख करते हुए सांसद ने कहा कि यह टोल प्लाजा 40 किलोमीटर दूरी के नियम का उल्लंघन करता प्रतीत होता है, जिस पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सुझाव दिया कि हर 40 से 50 किलोमीटर के अंतराल पर एम्बुलेंस और फर्स्ट-एड सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं या आपात स्थितियों में लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।

इंफ्रास्ट्रक्चर गाइडलाइंस के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा,
“जैसे-जैसे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है, आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग केवल आवागमन के मार्ग नहीं, बल्कि सुरक्षित ज़ोन होने चाहिए, जहां आवश्यक मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध हों। साथ ही, बजट की कमी से जूझ रहे स्टेट हाईवे के उन्नयन को भी NHAI द्वारा प्राथमिकता दी जानी चाहिए।”

बैठक में अंडमान–निकोबार द्वीपसमूह को आपस में जोड़ने के लिए किए गए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इनमें आज़ाद हिंद फौज सेतु (हम्फ्री स्ट्रेट क्रीक ब्रिज) के पूर्ण होने और मिडिल स्ट्रेट क्रीक ब्रिज पर जारी निर्माण कार्य प्रमुख रूप से शामिल रहे।

इस बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), NHIDCL तथा अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।