कोंटा विकासखण्ड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार को दिनांक 07 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 11.30 बजे से 12.00 बजे तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा में दांतों के इलाज हेतु कोई भी दंत चिकित्सक उपस्थित नहीं पाया गया। निर्धारित समय के दौरान दंत चिकित्सक का कक्ष पूरी तरह बंद रहा, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी निराशा का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार कोंटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दांतों के इलाज के लिए दंत चिकित्सक की उपस्थिति केवल तीन दिवस—गुरुवार, शुक्रवार एवं शनिवार—दर्शाई गई है। इसके बावजूद शनिवार को दंत चिकित्सक का कक्ष बंद पाया गया। दंत उपचार की आस में दूर-दराज और सुदूर ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों ने जब बंद कक्ष देखा तो उनके चेहरे पर मायूसी साफ नजर आई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दांतों के इलाज के लिए वे बड़ी उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन चिकित्सक के अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। कई मरीजों को मजबूरी में कोंटा सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के चिंतूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने जाना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त समय, श्रम और आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा।
मरीजों और स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि अस्पताल परिसर में समय दर्शाने के लिए कोई सुचारु घड़ी तक उपलब्ध नहीं है। दीवार पर एक खराब घड़ी लटकाई गई है, जो लंबे समय से बंद पड़ी है। इससे मरीजों को ओपीडी समय की जानकारी नहीं मिल पाती और उन्हें अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कोंटा जैसे सुदूर और सीमावर्ती क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का मुख्य आधार है। ऐसे में चिकित्सकों की अनुपस्थिति और मूलभूत व्यवस्थाओं की कमी लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।

लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि कोंटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दंत चिकित्सक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ओपीडी समय का सख्ती से पालन कराया जाए तथा अस्पताल में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि इस लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में मरीजों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।











