ग्रामीणों के विरोध के बावजूद जारी है पेड़ कटाई
गुपचुप तरीके से वनों की अवैध कटाई का आरोप
बीजापुर जिले में बिना ग्राम सभा की अनुमति के हो रही कथित अवैध पेड़ कटाई को लेकर सियासत गरमा गई है। बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने इस गंभीर मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और जिले में तत्काल प्रभाव से पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग की है।
विधायक मंडावी ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि वन विभाग द्वारा ग्राम सभा एवं स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना अलग–अलग क्षेत्रों में लगातार पेड़ों की कटाई करवाई जा रही है, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि आदिवासी अधिकारों पर भी सीधा प्रहार है।
पेसा कानून लागू क्षेत्र में नियमों की अनदेखी
विधायक ने पत्र में यह भी रेखांकित किया है कि बीजापुर जिला पूर्णतः आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां पेसा (PESA) कानून लागू है। ऐसे में ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की वन गतिविधि, विशेषकर पेड़ों की कटाई, कानूनी रूप से पूरी तरह अवैध है।
इसके बावजूद वन विभाग द्वारा महुआ, तेंदू, शीशम, सागौन, आंवला, हल्दू, बीजा जैसे बहुमूल्य और फलदार पेड़ों की कटाई करवाई जा रही है। ये वही पेड़ हैं, जिन पर स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका और पारंपरिक जीवन निर्भर करता है।

ग्रामीणों के विरोध को किया जा रहा नजरअंदाज
विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण लगातार इस पेड़ कटाई का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को अनसुना किया जा रहा है। कई गांवों में ग्रामवासियों ने कटाई रोकने की कोशिश की, इसके बावजूद विभागीय स्तर पर दबाव बनाकर कार्य जारी रखा गया।
उन्होंने इसे गुपचुप तरीके से की जा रही अवैध कटाई करार देते हुए कहा कि विभाग द्वारा न तो ग्राम सभा की बैठक की जानकारी साझा की जा रही है और न ही कूप की श्रेणी, परियोजना विवरण और अनुमति से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जा रहे हैं।
प्रक्रिया को गोपनीय रखने का गंभीर आरोप
पत्र में विधायक ने यह भी आरोप लगाया है कि वन विभाग जानबूझकर पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी न मिल सके। यह स्थिति न केवल पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि संभावित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करती है।
तत्काल रोक और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि—
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बिना ग्राम सभा की अनुमति के हो रही पेड़ कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए
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पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए
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अवैध कटाई में शामिल अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए
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ग्राम सभा की सहमति के बिना भविष्य में किसी भी प्रकार की वन गतिविधि न की जाए
आदिवासी अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा
विधायक ने पत्र के माध्यम से यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ पेड़ों की कटाई का नहीं, बल्कि आदिवासी अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे क्षेत्र में जनआक्रोश और अधिक बढ़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस पत्र पर क्या संज्ञान लेता है और बीजापुर जिले में चल रही पेड़ कटाई पर कब तक रोक लगती है।












