100 दिवसीय कार्यक्रम के द्वितीय चरण में तोयनार ग्राम पंचायत में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के समूल उन्मूलन की दिशा में शासन द्वारा चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस क्रम में 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम के द्वितीय चरण के अंतर्गत ग्राम पंचायत तोयनार में एक प्रभावी जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत तोयनार स्थित सम्मका–सारक्का माता मंदिर परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिला समूह, किशोर-किशोरियां, अभिभावक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम, इसके दुष्परिणामों के प्रति समाज को जागरूक करना तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना रहा।


कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत दंडनीय अपराध भी है। बाल विवाह बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को प्रभावित करता है और विशेष रूप से बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
जागरूकता सत्र में बाल अधिकारों, किशोर-किशोरियों के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य, बालिकाओं की शिक्षा के अधिकार, पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि शासन द्वारा बाल विवाह की रोकथाम के लिए सतत निगरानी, जागरूकता कार्यक्रम, हेल्पलाइन एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने गांव-समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को किसी भी स्थिति में बढ़ावा न दें और यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल संबंधित विभाग, प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, देवगुड़ी सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विभागीय योजनाओं एवं संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक जागरूकता पहुंच सके।


कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों, महिलाओं, किशोर-किशोरियों एवं सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण हेतु पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। सभी ने यह संकल्प भी लिया कि वे अपने परिवार, पड़ोस एवं समाज में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाएंगे और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सजग रहेंगे।
जिले में चलाया जा रहा यह अभियान न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच एवं सामाजिक बदलाव लाने का प्रभावी प्रयास भी है।
बीजापुर, 30 जनवरी 2026/











