Advertisement

स्वामी विवेकानंद जयंती पर बूढ़ातालाब में प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित

बूढ़ातालाब में श्रद्धा के साथ मनाई गई स्वामी विवेकानंद जयंती
युवाओं को जागरूक करने वाले विचार आज भी हैं प्रासंगिक: वक्ता


राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक बूढ़ातालाब परिसर में सोमवार को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर सुभम संगीत कला एवं संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर विधिवत माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन, व्यक्तित्व और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे ऐसे महान चिंतक और संत थे, जिन्होंने अपने ओजस्वी विचारों के माध्यम से न केवल भारत, बल्कि संपूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति और युवाओं की शक्ति को पहचान दिलाई। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा का मार्ग दिखाया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा ही किसी भी राष्ट्र की असली ताकत होते हैं। यदि युवा अपने भीतर अनुशासन, आत्मबल और सेवा भावना विकसित करें, तो समाज और देश को नई दिशा मिल सकती है। आज के समय में जब युवा दिवस के रूप में स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई जा रही है, तब उनके विचारों की महत्ता और भी बढ़ जाती है।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं से आह्वान किया गया कि वे स्वामी विवेकानंद द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर शिक्षा, संस्कार और सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाएं। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी को अपनी-अपनी भूमिका निभाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर समाज सेविका श्रीमती महुआ मजूमदार, श्री पार्थव सरकार सहित सुभम संगीत कला एवं संस्थान से जुड़े सदस्य, कलाकारगण एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण के संदेश के साथ किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को अपने दैनिक जीवन में उतारने का संकल्प दोहराया।