बीजापुर जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम के तहत मजदूरों के अधिकारों एवं प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने वीबी–जी राम जी योजना के अंतर्गत मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं और अधिकारों की सराहना करते हुए कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण मजदूरों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी विस्तारपूर्वक दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में जहां मजदूरों को 100 दिवस का रोजगार प्रदान किया जाता था, वहीं नए अधिनियम के अंतर्गत इसे बढ़ाकर 125 दिवस कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार और आय का अवसर प्राप्त होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिनियम के तहत श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान अधिकतम 7 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से किए जाने का प्रावधान किया गया है, ताकि मजदूरों को समय पर मेहनताना मिल सके और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही वर्षा ऋतु के दौरान कृषकों के हितों को ध्यान में रखते हुए दो माह तक कार्य बंद रखने का प्रावधान भी किया गया है, जिससे खेती-किसानी प्रभावित न हो।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रियल टाइम सूचना प्रणाली और मैनेजमेंट डैशबोर्ड की व्यवस्था भी की गई है, जिससे नागरिकों को योजनाओं की जानकारी तुरंत प्राप्त हो सके और कार्यों की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके।
बैठक के दौरान अधिनियम की उपयोगिता और लाभों से संबंधित पंपलेट का वितरण भी किया गया, ताकि जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी ग्रामीण स्तर पर सही जानकारी आमजन तक पहुंचा सकें। सामान्य सभा की इस बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर मजदूरों के अधिकारों की रक्षा तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने का संकल्प लिया। 
यह बैठक ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और मजदूरों के हित संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।













