कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु जिला पंचायत संसाधन केंद्र, सुकमा में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता एवं प्रशासनिक समझ को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होते हैं, तब विकास योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी रूप से संभव हो पाता है। पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और उन्हें सशक्त बनाना सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि जनप्रतिनिधियों को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर योजनाओं की बेहतर जानकारी प्रदान की जाए, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनपद पंचायत सदस्यों को पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े विधिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय पहलुओं की विस्तृत जानकारी देना तथा उन्हें अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए सक्षम बनाना रहा। प्रशिक्षण के दौरान पंचायत राज अधिनियम, पेसा नियम, एलएसजीडी विषय, पंचायतों की आय वृद्धि, पंचायत आकलन सूचकांक, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियां, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभा की शक्तियां, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक अंकेक्षण तथा स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण एवं निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से व्यावहारिक उदाहरणों सहित मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र और अनुभव साझा करने के माध्यम से प्रतिभागियों को सक्रिय सहभागिता का अवसर मिला। ग्राम सभा की भूमिका को मजबूत करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण सत्रों के साथ-साथ प्रतिभागियों को पुनर्वास केंद्र सुकमा एवं साइंस पार्क सुकमा का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। पुनर्वास केंद्र में उन्होंने प्रभावित व्यक्तियों को मुख्यधारा में जोड़ने, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। वहीं साइंस पार्क भ्रमण के दौरान विज्ञान आधारित शिक्षा, नवाचार और जागरूकता गतिविधियों को समझते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। 
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ पंचायत स्तर पर प्रभावी शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।












