कोंटा स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में लंबे समय से एटीएम बंद पड़े होने के कारण खाताधारकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंक परिसर में स्थापित एटीएम मशीन पर ताला लटका हुआ है, जिससे दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले सैकड़ों खाताधारक अपने ही खाते से राशि निकालने के लिए बैंक काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं।
स्थानीय खाताधारकों के अनुसार, बैंक प्रबंधन द्वारा प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 20 हजार रुपये तक ही नकद निकासी की अनुमति दी जा रही है। इस सीमित राशि के कारण कई लोगों को बार-बार बैंक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। एटीएम बंद होने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग, दिव्यांग और महिला खाताधारकों को हो रही है, जिन्हें घंटों धूप में खड़े रहना पड़ता है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आए खाताधारकों ने बताया कि वे सुबह से बैंक पहुँच जाते हैं, लेकिन लंबी लाइन के कारण कई बार दोपहर तक भी उनका नंबर नहीं आ पाता। कई बुजुर्गों का स्वास्थ्य भी कतार में खड़े रहने के कारण प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि जब बैंक में एटीएम की सुविधा उपलब्ध है, तो उसे लंबे समय तक बंद रखना समझ से परे है। 
खाताधारकों और स्थानीय नागरिकों ने बैंक प्रबंधन से मांग की है कि एटीएम को शीघ्र चालू किया जाए, ताकि लोगों को काउंटर पर भीड़ लगाने की मजबूरी न हो। यदि एटीएम नियमित रूप से संचालित हो, तो बैंक का दबाव भी कम होगा और बुजुर्गों को विशेष राहत मिलेगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग और नकद सुविधा के इस दौर में एटीएम का बंद रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने जिला प्रशासन और सहकारी बैंक प्रबंधन से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।













