नियद नेल्ला नार योजना से बदली पालनार की तस्वीर
उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) का शुभारंभ, 3605 ग्रामीणों को मिलेगी सुलभ स्वास्थ्य सुविधा
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत बीजापुर जिले के अत्यंत संवेदनशील और नक्सल प्रभावित ग्राम पालनार में आज उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस स्वास्थ्य केंद्र के प्रारंभ होने से पालनार सहित आसपास के सांवनार, तोड़का, कोरचोली एवं नेंड्रा जैसे दूरस्थ गांवों के लगभग 3605 ग्रामीणों को अब अपने ही गांव के पास प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।


यह क्षेत्र वर्षों से भौगोलिक दुर्गमता, सीमित संसाधनों और सुरक्षा चुनौतियों के कारण बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहा है। ग्रामीणों को इलाज के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर या कठिन रास्तों से होकर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों तक जाना पड़ता था। विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण थी। समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती थीं।
नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा लगातार दुर्गम और वंचित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का कार्य किया जा रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम पालनार में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो क्षेत्र के सामाजिक और स्वास्थ्यगत विकास को नई दिशा देगा।


नव-स्थापित उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) में मलेरिया, डायरिया, बुखार, सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों का उपचार किया जाएगा। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात देखभाल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, परिवार नियोजन परामर्श तथा निशुल्क दवाइयों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य केंद्र में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है, जो ग्रामीणों को समय पर परामर्श और उपचार उपलब्ध कराएंगे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर, पोषण एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, टीबी, मलेरिया और अन्य संक्रामक रोगों की जांच एवं रोकथाम से संबंधित गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और बीमारियों की समय रहते पहचान संभव हो सकेगी।
शुभारंभ अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री सोनू पोटाम, उपाध्यक्ष श्री दिनेश पुजारी, वरिष्ठ नागरिक श्री घासीराम नाग, श्री संजय लुंकड़, एसडीएम बीजापुर श्री जागेश्वर कौशल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. आर. पुजारी, तहसीलदार गंगालूर श्री बी. के. डहरिया, एसी सीआरपीएफ कोरचोली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक बीजापुर श्री वरुण साहू, श्रीमती कल्पना रथ (सीडीपीओ), बीएमओ डॉ. विकास गवेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।
अतिथियों ने फीता काटकर उप स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ किया और केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए एक बड़ी सौगात है, जो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
ग्रामीणों ने भी उप स्वास्थ्य केंद्र खुलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि अब उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन की बचत होगी तथा समय पर इलाज मिलने से स्वास्थ्य स्तर में सुधार आएगा।
नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत शुरू की गई यह पहल निश्चित रूप से दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में सुलभ, सशक्त और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। आने वाले समय में इस योजना के माध्यम से ऐसे और भी गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बीजापुर, 28 जनवरी 2026/











