बीहड़ रास्तों और नदी-नालों को पार कर सुदूर गांव कमकानार पहुंचे कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत
माता गुड़ी देवी तुलडोकरी के वार्षिक मेले में शामिल होकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
बीजापुर, 28 जनवरी 2026/
बीजापुर जिले के अत्यंत सुदूर, दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र कमकानार में आयोजित माता गुड़ी देवी तुलडोकरी के भव्य वार्षिक मेले में कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती नम्रता चौबे ने पहुंचकर मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं से संवाद किया।
कलेक्टर और सीईओ ने बीहड़ जंगलों, कच्चे रास्तों और नदी-नालों को पार कर गांव तक पहुंचकर प्रशासन की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचने का मजबूत संदेश दिया। अधिकारियों की यह पहल ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए भरोसे और सहयोग का प्रतीक बनी।
राज्य और देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
माता गुड़ी देवी तुलडोकरी का यह वार्षिक मेला प्रतिवर्ष आस्था, संस्कृति और परंपरा के संगम के रूप में आयोजित किया जाता है। इस मेले में ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश सहित आसपास के कई राज्यों से हजारों श्रद्धालु और ग्रामीणजन शामिल होते हैं। मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति, लोक परंपरा और सामाजिक एकता का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
मेले के दौरान पूजा-अर्चना, पारंपरिक अनुष्ठान, लोक नृत्य, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ग्रामीण हाट बाजार का आयोजन किया गया, जिससे स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिला।
ग्रामीणों ने किया आत्मीय स्वागत, रखी विकास संबंधी मांगें
कलेक्टर और सीईओ के मेला स्थल पर पहुंचने पर ग्रामवासियों ने पारंपरिक तरीके से आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कमकानार की सरपंच श्रीमती राजमती ओयाम, मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री संजय कुमार उइका, पुजारी वेंकटराव एवं अन्य ग्रामीण प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और आवश्यकताओं को रखा।
ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण, पुल निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा संचार व्यवस्था को लेकर अपनी प्रमुख मांगें सामने रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि सुदूर और दुर्गम होने के कारण क्षेत्र आज भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है।
कलेक्टर ने दिए निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ सुदूर क्षेत्रों तक प्राथमिकता के साथ पहुंचाया जाएगा। उन्होंने पूर्व में स्वीकृत दो स्कूल भवनों और एक आंगनबाड़ी भवन के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा और बाल विकास को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक और पोषण सुविधाएं मिल सकें। साथ ही, उन्होंने सड़क, पुल, बिजली और पानी से संबंधित शेष मांगों के शीघ्र निराकरण का भरोसा भी दिलाया।
प्रशासन और जनता के बीच संवाद को बताया आवश्यक
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की उपस्थिति से लोगों में विश्वास बढ़ता है और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का नियमित रूप से फॉलोअप किया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे ने भी ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति दी जाएगी और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार की जाएंगी।
मेले में रही सुरक्षा और सुविधा की व्यवस्था
मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम, पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर जनपद पंचायत बीजापुर के सीईओ श्री पी.आर. साहू, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, मंदिर समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बना मेला
माता गुड़ी देवी तुलडोकरी का यह वार्षिक मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह जनजातीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और ग्रामीण विकास के संवाद का भी महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। प्रशासन की सक्रिय भागीदारी से मेले को नई पहचान मिली है और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है।











