हर पंचायत में CSC सेंटर खोलने की ग्रामीणों की मांग
ग्रामीण अंचलों में केवाईसी (Know Your Customer) प्रक्रिया को लेकर आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को बैंक, राशन कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए केवाईसी कराने हेतु 8 से 10 किलोमीटर दूर कस्बों और शहरों का सफर करना पड़ रहा है। परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को समय और आर्थिक बोझ दोनों झेलना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में लगभग सभी सरकारी और बैंकिंग सेवाओं के लिए केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। बिना केवाईसी के कई लाभार्थियों के खाते बंद हो रहे हैं या फिर योजनाओं का लाभ रुक जा रहा है। इसके बावजूद गांव स्तर पर केवाईसी की कोई स्थायी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे ग्रामीणों को मजबूरी में दूरदराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है।
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई बुजुर्गों के लिए लंबी दूरी तय करना शारीरिक रूप से संभव नहीं है, वहीं महिलाओं को घर-परिवार और सुरक्षा की चिंता के चलते बार-बार बाहर जाना पड़ता है। बच्चों और छात्रों को भी स्कूल छोड़कर दूर जाकर केवाईसी कराना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
परिवहन सुविधा का अभाव बढ़ा रहा मुश्किलें
ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों में सार्वजनिक परिवहन की नियमित सुविधा नहीं है। ऐसे में लोगों को निजी साधनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ता है। एक दिन का समय और अतिरिक्त खर्च होने से गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए केवाईसी कराना बड़ी चुनौती बन गया है।
योजनाओं का लाभ रुकने का खतरा
बैंक खाते, राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, छात्रवृत्ति, आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं में केवाईसी अनिवार्य होने के कारण कई लाभार्थियों को डर है कि समय पर केवाईसी नहीं होने पर उनका लाभ बंद हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सुविधा के अभाव में वे अपनी गलती के बिना योजनाओं से वंचित हो सकते हैं।
हर पंचायत में CSC सेंटर खोलने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि प्रत्येक पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC सेंटर) खोले जाएं, ताकि केवाईसी सहित अन्य डिजिटल और सरकारी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकें। CSC सेंटर के माध्यम से आधार अपडेट, बैंकिंग केवाईसी, राशन कार्ड सुधार, पेंशन संबंधी कार्य, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक सेवाएं आसानी से मिल सकती हैं।
डिजिटल इंडिया का लाभ गांव तक पहुंचे
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर CSC सेंटर शुरू किए जाते हैं, तो डिजिटल इंडिया योजना का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचेगा। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि ग्रामीणों को बार-बार शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि गांवों में CSC सेंटर खुलने से डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से आम लोगों तक पहुंच सकेगा।













