कोंडागांव / बड़ेराजपुर।
राज्य शासन के निर्देशानुसार बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम हरवेल में शुक्रवार 28 फरवरी को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।

इस अवसर पर कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन की मंशा है कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही किया जाए, ताकि उन्हें अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला या विकासखंड मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे गांव में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहा है।
कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली और निर्देशित किया कि जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव है, उनका मौके पर ही निराकरण किया जाए तथा अन्य आवेदनों पर समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिविर के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को भी सुना। कई ग्रामीणों ने सड़क, राशन कार्ड, पेंशन, आवास, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामवासियों द्वारा विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 174 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 59 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है, ताकि उनका भी जल्द से जल्द निराकरण किया जा सके। 
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इसके तहत 03 ट्राइसिकल, 01 मोटराइज्ड ट्राइसिकल, 01 व्हीलचेयर और 01 वॉकर दिव्यांगजनों को वितरित किए गए, जिससे उन्हें अपने दैनिक जीवन में काफी सुविधा मिलेगी।
इसी प्रकार मछली पालन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 02 हितग्राहियों को मछली पकड़ने के लिए जाल प्रदान किया गया। इससे मछुआरा समुदाय को आजीविका के साधन मजबूत करने में मदद मिलेगी।

वहीं खाद्य विभाग द्वारा 06 हितग्राहियों को राशन कार्ड प्रदान किए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 02 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन प्रदान किया गया, जिससे ग्रामीण महिलाओं को धुएं से राहत मिलेगी और स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा।
उद्यान विभाग की ओर से किसानों को भी योजनाओं का लाभ दिया गया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत रागी फसल प्रदर्शन के लिए 05 किसानों को बीज वितरित किए गए। इसके साथ ही नेशनल मिशन ऑन इडिबल ऑयल सीड योजना के अंतर्गत सूरजमुखी फसल प्रदर्शन के लिए 05 किसानों को बीज प्रदान किए गए, जबकि 04 किसानों को बीज उत्पादन के लिए स्वीकृति आदेश प्रदान किया गया।

इसके अलावा शिविर में 05 स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे समूह की महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
शिविर के दौरान 12 विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए, जिससे उन्हें आगे की शिक्षा और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।

शिविर में विभिन्न योजनाओं के तहत सामग्री और लाभ मिलने पर हितग्राहियों ने खुशी व्यक्त की और शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता और सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे गांव में ही मिल जाता है।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष सुखमन नेताम, उपाध्यक्ष नारायण नेताम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।













