संतोषपुर।
ज़िले के संतोषपुर क्षेत्र में उज्ज्वला योजना से वंचित किए जाने को लेकर ग्रामीण महिलाओं में भारी नाराज़गी देखने को मिली। इसी क्रम में आज जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नीना रावतिया उद्दे के नेतृत्व में संतोषपुर की बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और ओबीसी वर्ग के उज्ज्वला योजना के खाताधारक जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं को लेकर एक लिखित आवेदन सौंपा।

आवेदन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को अलग रखते हुए ओबीसी वर्ग के लिए उज्ज्वला योजना को बंद करने संबंधी निर्देश गैस एजेंसियों को दिए गए हैं। इसके चलते गैस एजेंसियों द्वारा ओबीसी वर्ग के पात्र हितग्राहियों को न तो नया गैस कनेक्शन दिया जा रहा है और न ही रिप्लेसमेंट (रीफिलिंग/रिप्लिंग) जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उज्ज्वला योजना उनके लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि धुएं से मुक्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा का साधन है। योजना से वंचित किए जाने के कारण महिलाओं को फिर से चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा कि गैस कनेक्शन न मिलने से घरेलू कामकाज में भी कठिनाइयां बढ़ गई हैं।

जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नीना रावतिया उद्दे ने कहा कि उज्ज्वला योजना का उद्देश्य हर गरीब परिवार को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्ग विशेष को योजना से बाहर करना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ओबीसी वर्ग के पात्र हितग्राहियों को भी उज्ज्वला योजना का लाभ दिया जाए और गैस एजेंसियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

आवेदन सौंपते हुए यह भी कहा गया कि यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण महिलाएं और हितग्राही मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। जिला प्रशासन से अपेक्षा जताई गई कि वह मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित विभाग और एजेंसियों से समन्वय कर उचित निर्णय लेगा। 
ग्रामीण महिलाओं ने विश्वास जताया कि जिला कलेक्टर इस जनहित से जुड़े मामले में सकारात्मक पहल करेंगे और उज्ज्वला योजना का लाभ सभी पात्र वर्गों तक सुनिश्चित किया जाएगा।













