सुकमा जिले के कोर्रा क्षेत्र से एक अत्यंत हृदयविदारक और संवेदनशील घटना सामने आई है। कोर्रा जंगल में लावारिस अवस्था में मिली एक नवजात बच्ची ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक सतर्कता से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात कुछ लोग शिकार के उद्देश्य से कोर्रा जंगल की ओर गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें जंगल के भीतर से किसी नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जब वे आगे बढ़े, तो वहां एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी मिली। बच्ची की हालत नाजुक थी और उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने बिना देर किए संबंधित समाज एवं प्रशासन को सूचित किया। समाज जिला सचिव श्री देवा राम सोढ़ी ने बताया कि बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा उसका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार नवजात की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन लगातार निगरानी में रखा गया है।

मामले की पुष्टि के दौरान समाज द्वारा जानकारी जुटाने पर यह सामने आया कि गांव कोर्रा की निवासी रीना कुंजाम ने बच्ची को अपना बताया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने जंगल में ही बच्ची को जन्म दिया और बाद में उसे वहीं छोड़कर चली गई। हालांकि इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। लोग इसे सामाजिक जागरूकता और मातृत्व स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से मामले की जांच किए जाने की संभावना है।

स्थानीय लोगों की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के कारण समय रहते नवजात बच्ची की जान बचाई जा सकी। यह घटना एक ओर जहां समाज के लिए चेतावनी है, वहीं दूसरी ओर यह भी दर्शाती है कि समय पर की गई मदद से किसी मासूम जीवन को नया अवसर मिल सकता है।
फिलहाल जिला अस्पताल में बच्ची की देखरेख जारी है और डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है।













