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डिजिटल युग में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग पर सुकमा कलेक्ट्रेट में विशेष आयोजन

सुकमा/ कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिजिटल युग में इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा साइबर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम में बताया गया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक वर्ष फरवरी माह के द्वितीय मंगलवार को सुरक्षित इंटरनेट दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग—आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं एवं शासकीय सेवकों—को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना तथा इंटरनेट के सकारात्मक, रचनात्मक और उत्पादक उपयोग को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि वर्तमान समय में शासन की अधिकांश सेवाएँ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। ई-ऑफिस, ऑनलाइन पोर्टल, डिजिटल भुगतान प्रणाली, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ई-मेल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अनुप्रयोग प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बना रहे हैं। हालांकि, डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता भी उतनी ही आवश्यक है।

प्रस्तुतीकरण के माध्यम से इंटरनेट के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग, डेटा गोपनीयता, पासवर्ड सुरक्षा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, फिशिंग ई-मेल, फर्जी वेबसाइट, मालवेयर एवं रैनसमवेयर जैसे साइबर खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी व्यक्तिगत एवं शासकीय डेटा के दुरुपयोग का कारण बन सकती है।

डिजिटल भुगतान, ई-शॉपिंग, ऑनलाइन बैंकिंग, ई-लर्निंग एवं सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ होने वाले साइबर फ्रॉड एवं ऑनलाइन स्कैम के विभिन्न मामलों के उदाहरण प्रस्तुत किए गए। इस दौरान स्पष्ट रूप से बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति, कॉल, ई-मेल या मैसेज के माध्यम से प्राप्त ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम पिन, आधार या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक, फर्जी एप्लिकेशन और अनधिकृत वेबसाइट पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी गई

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है। व्यक्तिगत फोटो, लोकेशन एवं संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करना साइबर अपराधों को आमंत्रण दे सकता है। अधिकारियों को नियमित रूप से पासवर्ड बदलने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने तथा सरकारी सिस्टम में केवल अधिकृत उपकरणों के उपयोग की सलाह दी गई।

इसके अतिरिक्त, साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों को अवगत कराया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी या डेटा चोरी की घटना होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन या संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है, जिससे समय रहते नुकसान को रोका जा सके।

कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री शबाब खान सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी उपस्थितजनों ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग को अपनी दैनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने तथा आम नागरिकों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन डिजिटल सुरक्षा एवं जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के संदेश के साथ किया गया।