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**उदंती-सीतानदी में मालाबार पाइड हॉर्नबिल संरक्षण के लिए बनेगा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’**

यह रहा मीडियम लंबाई का, अख़बार के लिए तैयार पेपर स्क्रिप्ट:


उदंती-सीतानदी में मालाबार पाइड हॉर्नबिल संरक्षण के लिए विकसित होंगे ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’

रायपुर, 11 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण हेतु एक अभिनव पहल की जा रही है। वन विभाग द्वारा यहां विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य हॉर्नबिल पक्षियों को वर्षभर प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को संरक्षित करना है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में यह कार्य उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में संचालित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत जंगल एवं आसपास के क्षेत्रों में पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा, जो हॉर्नबिल का प्रमुख आहार हैं। यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि पूर्णतः प्राकृतिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा।

हॉर्नबिल को “जंगल का किसान” या “फॉरेस्ट इंजीनियर” भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। हाल के वर्षों में उदंती-सीतानदी क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण इन पक्षियों की उपस्थिति बढ़ी है, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी प्रोत्साहित करेगी और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी।