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वीबी–जी राम जी योजना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के लिए मील का पत्थर : अर्जुन हेमला

केंद्र सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई वीबी–जी राम जी योजना ग्रामीण भारत के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। उक्त बातें भारतीय जनता पार्टी के नेता अर्जुन हेमला एवं भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने कही।

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई वीबी–जी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे देशव्यापी विरोध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मनीष पारख ने कहा कि कांग्रेस आज मुद्दों की कंगाली से जूझ रही है। जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों के अभाव में कांग्रेस अब लोक कल्याण और ग्रामीण विकास को सुनिश्चित करने वाली योजनाओं का भी विरोध कर अपनी गरीब-विरोधी मानसिकता को उजागर कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को मोदी सरकार की जनहितकारी योजनाओं पर भ्रम फैलाने के बजाय पहले “कांग्रेस बचाओ अभियान” पर ध्यान देना चाहिए।

मनीष पारख ने वीबी–जी राम जी योजना के लाभों को रेखांकित करते हुए बताया कि यह योजना लोक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ अब नए स्वरूप में पूर्ववर्ती मनरेगा योजना का स्थान लेगा। यह अधिनियम प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।

उन्होंने बताया कि इस नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान किया गया है कि अब मजदूरी का भुगतान 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को अतिरिक्त मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा, जिससे मजदूरों के आर्थिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि फसल की बुवाई और कटाई जैसे प्रमुख कृषि सीजन के दौरान राज्य सरकारें इस योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों को 60 दिनों तक स्थगित कर सकेंगी। इससे किसानों को खेती के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहेंगे और कृषि उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।

मनीष पारख ने बताया कि विकसित भारत जी-राम जी अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, जलवायु सुरक्षा और कौशल विकास जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम गति शक्ति योजना के सिद्धांतों को भी शामिल किया गया है, ताकि सड़क, पानी और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बेहतर समन्वय हो सके और सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम फर्जी मस्टर रोल, मशीनों के अवैध उपयोग और भ्रष्टाचार जैसी शिकायतों पर भी प्रभावी रोक लगाएगा। यह योजना न केवल ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकेगी, बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार के नए अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अंत में उन्होंने कहा कि वीबी–जी राम जी योजना ग्रामीण विकास को नई गति देने वाली, रोजगार और आजीविका की मजबूत गारंटी बनने वाली योजना है, जिसे लेकर कांग्रेस का विरोध उसके गरीब-विरोधी चरित्र को उजागर करता है।