सॉफ्टबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन
सबजूनियर नेशनल चैंपियनशिप में बालिकाओं ने जीता स्वर्ण, बालकों ने कांस्य पदक
38वीं सबजूनियर नेशनल सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए बालिका एवं बालक दोनों वर्गों में पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता का आयोजन 9 से 12 जनवरी तक पटौदा, जिला झज्जर (हरियाणा) में किया गया।
बालिका टीम ने रचा इतिहास, पहली बार जीता स्वर्ण पदक
छत्तीसगढ़ की सॉफ्टबॉल बालिका टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीम ने प्रतियोगिता की शुरुआत हिमाचल प्रदेश को 10–0 से हराकर की। इसके बाद जम्मू-कश्मीर को 9–0 से पराजित किया। लीग मुकाबले में मेजबान हरियाणा से 3–2 से करीबी हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि टीम ने इससे उबरते हुए पिछले वर्ष की रजत पदक विजेता आंध्र प्रदेश को 13–3 से हराकर जोरदार वापसी की। इसके बाद के मुकाबलों में छत्तीसगढ़ ने केरल को 1–0, मध्य प्रदेश को 3–0 एवं राजस्थान को 3–1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
फाइनल मुकाबला हरियाणा के साथ खेला गया, जहां पिछली हार का बदला लेने के इरादे से उतरी छत्तीसगढ़ की टीम ने शुरू से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले इनिंग में हरियाणा को शून्य पर आउट करने के बाद छत्तीसगढ़ ने बढ़त बनाई। संघर्षपूर्ण मुकाबले में अंततः छत्तीसगढ़ ने हरियाणा को 9–3 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस ऐतिहासिक मुकाबले में बीजापुर की शिल्पा मरपल्ली ने शानदार बल्लेबाजी की, वहीं बीजापुर की ही पिचर अनुराधा कोवासी ने हरियाणा की बल्लेबाजी को पूरी तरह नियंत्रित रखा। उल्लेखनीय है कि सॉफ्टबॉल बालिका वर्ग में यह छत्तीसगढ़ का पहला स्वर्ण पदक है।

बीजापुर की खिलाड़ियों का रहा विशेष योगदान
प्रतियोगिता के दौरान बीजापुर की शिल्पा मरपल्ली ने दो शानदार होम रन लगाए। अनुराधा कोवासी की बेहतरीन पिचिंग ने विपक्षी टीमों को रन बनाने का मौका नहीं दिया, जबकि अस्मिता मरपल्ली ने शानदार स्लाइड कर महत्वपूर्ण रन बनाए। जशपुर की सपना खलखो ने चोटिल होने के बावजूद उत्कृष्ट कैचिंग कर टीम भावना का परिचय दिया।
बालिका वर्ग की टीम में बीजापुर से त्रिवेणी मरपल्ली, अस्मिता मरपल्ली, अनुराधा कोवासी, रिंकी हेमला, शिल्पा मरपल्ली; जशपुर से सिमरन खलखो, सपना खलखो, आराधना तिग्गा, सोनिया एक्का; बेमेतरा से सरिता सिन्हा, केवरा निषाद; राजनांदगांव से सुजल मेश्राम, रोहिणी यादव; दुर्ग से आस्था वाघाडे; रायपुर से पूनम कोपरकर तथा कवर्धा से सौम्या चंद्राकर शामिल रहीं। टीम की प्रशिक्षक सोनाली साव एवं प्रीति वर्मा तथा मैनेजर अंजू टांडी रहीं।

बालक टीम ने भी दिखाया दम, कांस्य पदक पर किया कब्जा
छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। टीम ने गोवा को 15–0 एवं गुजरात को 8–0 से हराकर शानदार शुरुआत की। सुपर लीग में मध्य प्रदेश को 5–0 और पंजाब को 12–0 से पराजित किया।
महाराष्ट्र के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने अंतिम इनिंग में दो रन बनाकर 2–1 से जीत दर्ज की, लेकिन अगले मैच में राजस्थान से 0–1 से हार का सामना करना पड़ा। टाईब्रेकर मुकाबले में महाराष्ट्र ने मामूली अंतर से जीत दर्ज की, जिससे छत्तीसगढ़ को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
बालक वर्ग की टीम में जशपुर से राहुल एक्का, सुमित खलखो, विमलेश एक्का; बीजापुर से लक्ष्य निषाद, सूर्या कड़ती, अबिल मिच्चा; कबीरधाम से शुभम सेन, पंकज मेरावी; रायपुर से लोकेश नायक, सुमित सबरवाल; दुर्ग से आर्यन पटेल; कोरबा से रामानंद मिश्रा; राजनांदगांव से रोहित राजपूत; बेमेतरा से कोमल पाटिल एवं राजू निषाद शामिल थे। टीम के प्रशिक्षक गौरव डहरिया एवं वीरेंद्र नायक तथा मैनेजर सारंग नेताम रहे।

14 जनवरी को रायपुर लौटेगा दल
छत्तीसगढ़ का दल 14 जनवरी को संपर्क क्रांति ट्रेन से दोपहर 2 बजे रायपुर वापस लौटेगा। इस उपलब्धि पर जिला कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं खेल विभाग के प्रभारी श्री नारायण प्रसाद गवेल ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह जानकारी सॉफ्टबॉल के अंतरराष्ट्रीय कोच एवं जिले के श्रम निरीक्षक श्री सोपान करनेवार द्वारा दी गई।












