सुकमा में राष्ट्रीय युवा दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया
स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर युवाओं ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निर्देशन एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन शहर के बस स्टैंड परिसर में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने सहभागिता की।


इस अवसर पर वृक्षारोपण, नशा मुक्ति शपथ एवं रैली, काव्य पाठ, निबंध लेखन और रंगोली प्रतियोगिता सहित अनेक रचनात्मक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। युवाओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने कहा कि बच्चों और युवाओं के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही दिशा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक पूंजी है। यदि युवा आत्मनिर्भरता, स्वदेशी भावना और अनुशासन को अपनाएं, तो देश को नई दिशा और मजबूती मिल सकती है। उन्होंने नशा मुक्ति अभियान की सराहना करते हुए युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचारों का पाठ किया। वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं नशा मुक्ति रैली के जरिए समाज को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया।

इस अवसर पर नगर पालिका परिषद सुकमा के अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बारसे माड़े, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रीना पेद्दी, श्री दिलीप पेद्दी, पार्षदगण एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ जिला शिक्षाधिकारी श्री जी.आर. मंडावी तथा जिला खेल अधिकारी श्री विरूपाक्ष पौराणिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भाषण प्रतियोगिता में यशोदा नाग (सक्षम कोचिंग), रोशनी मरकाम (कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मरकाम) एवं विस्मित सिंह (आई.एम.एस.टी. स्कूल) ने स्वामी विवेकानंद के विचारों और युवाओं की भूमिका पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए।
कविता प्रतियोगिता में नीशु मिश्रा, श्रेया शर्मा एवं मानकी कश्यप ने देशभक्ति और युवा शक्ति से ओतप्रोत कविताएं प्रस्तुत कीं।
वहीं रंगोली प्रतियोगिता में करतम रंगी, रूपा मिस्त्री, पोज्जे वेट्टी, श्रेया शर्मा एवं भीमा वेट्टी ने रंगों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और राष्ट्र निर्माण की सुंदर अभिव्यक्ति की।











